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डेट म्यूचुअल फंड के प्रकार

हर व्यक्ति अलग होता है, इसलिए हर व्यक्ति की फाइनेंशियल आवश्यकताएं भी अलग होती हैं. तो क्या आपको निवेश के मामले में किसी और की नकल करनी चाहिए? डेट म्यूचुअल फंड आपके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो की आवश्यकता के अनुसार स्थिरता ला सकते हैं. लेकिन विभिन्न प्रकार के डेट फंड में से, आपके लिए उपयुक्त फंड कैसे चुना जाए?? यह निर्णय आपकी जोखिम लेने की क्षमता, निवेश की अवधि और आप जिस फाइनेंशियल लक्ष्य के लिए निवेश कर रहे हैं उसे ध्यान में रखते हुए किया जाता है. आइए भारत में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के डेट फंड्स पर एक नजर डालते हैं.



ओवरनाइट फंड
ये डेट फंड ओवरनाइट मेच्योर होने वाली, यानी 1 दिन की मेच्योरिटी वाली सिक्योरिटीज़ में निवेश करते हैं. यहां इनका उद्देश्य आपको अन्य किसी फंड की तुलना में कम जोखिम पर अपनी पूंजी को थोड़े समय के लिए पार्क करने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करना है. ओवरनाइट फंड से मिलने वाले रिटर्न अन्य कैटेगरी से कम होते हैं.

लिक्विड फंड
लिक्विड फंड 91 दिनों तक की मेच्योरिटी वाली सिक्योरिटीज़ में निवेश करते हैं. इनमें ओवरनाइट फंड से अपेक्षाकृत अधिक जोखिम होता है, लेकिन फिर भी ये आपके पैसों को कुछ समय के लिए पार्क करने का एक सुरक्षित विकल्प हैं. ओवरनाइट फंड की तुलना में, वे आपको रिटर्न प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं.

अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड
कम से कम 3 महीनों के लिए अपना पैसा निवेश करना चाहने वाले निवेशक के लिए आदर्श, ये फंड लिक्विड फंड से अधिक रिटर्न प्रदान कर सकते हैं और इनमें अधिक जोखिम भी नहीं होता है. स्कीम के निवेश उद्देश्य के आधार पर, क्रेडिट जोखिम अलग-अलग हो सकता है.

लो-ड्यूरेशन फंड
अगर आप 6 महीने से 1 वर्ष की अवधि के लिए अपने पैसे निवेश करना चाहते हैं, तो शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड एक सुरक्षित विकल्प हो सकते हैं. इनमें अपेक्षाकृत कम जोखिम होते हैं और अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड की तुलना में बेहतर रिटर्न प्रदान करने की क्षमता होती है.

मनी मार्केट फंड
मनी मार्केट फंड कमर्शियल पेपर, डिपॉजिट सर्टिफिकेट, ट्रेजरी बिल आदि जैसी सिक्योरिटीज़ में निवेश करते हैं जिनकी मेच्योरिटी अवधि 1 वर्ष से कम होती है. इन फंड में शामिल सिक्योरिटीज़ की क्रेडिट क्वॉलिटी के आधार पर क्रेडिट जोखिम अलग-अलग हो सकता है. इस प्रकार के फंड अपेक्षाकृत कम जोखिम चाहने वाले निवेशक के लिए उपयुक्त होते हैं.

शॉर्ट ड्यूरेशन फंड
शॉर्ट ड्यूरेशन फंड, शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म डेट सिक्योरिटीज़ के मिश्रण में निवेश कर सकते हैं और विभिन्न क्रेडिट रेटिंग में भी निवेश कर सकते हैं. ये इंस्ट्रूमेंट इस प्रकार चुने जाते हैं कि पोर्टफोलियो की अवधि 1-3 वर्षों के बीच रहे. इस अवधि को मैकाले अवधि भी कहा जाता है. ये फंड लिक्विड और अल्ट्रा शॉर्ट टर्म डेट फंड से अधिक रिटर्न जनरेट कर सकते हैं, लेकिन इनमें अपेक्षाकृत अधिक जोखिम भी होता है.

मीडियम/मीडियम टू लॉन्ग/लॉन्ग ड्यूरेशन फंड
मध्यम अवधि के फंड या मीडियम ड्यूरेशन फंड की मैकॉले अवधि आमतौर पर 3-4 वर्ष होती है, मध्यम से लंबी अवधि के फंड में यह अवधि 4-7 वर्ष होती है और लंबी अवधि के फंड में 7 वर्ष से अधिक होती है. ये फंड ब्याज दर में बदलाव के लिए काफी संवेदनशील होते हैं. इसलिए, ब्याज दरें घटने पर ये फंड बेहतर प्रदर्शन करते हैं.

फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान (एफएमपी)
ये क्लोज्ड-एंडेड फंड होते हैं जो स्कीम की अवधि से मेल खाने वाली सिक्योरिटीज़ में निवेश करते हैं. ये फंड मेच्योरिटी तक अपना निवेश होल्ड करते हैं. इसलिए, ब्याज दर का जोखिम कम होता है और रिटर्न अपेक्षाकृत अधिक स्थिर होते हैं.

कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड
कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड अत्यधिक उच्च रेटिंग वाले बॉन्ड में निवेश करते हैं, यानी निवेश का 80% हिस्सा AA+ और उससे अधिक रेटेड कॉर्पोरेट बॉन्ड में होता है. इसलिए, उनके साथ जुड़ा क्रेडिट जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है.

क्रेडिट रिस्क फंड
ये अपेक्षाकृत उच्च जोखिम वाले डेट फंड हैं क्योंकि ये AA या इससे कम क्रेडिट रेटिंग वाली सिक्योरिटीज़ में कम से कम 65% एसेट निवेश करते हैं. क्रेडिट जोखिम के कारण, ये फंड अपने समकक्ष कंजर्वेटिव फंड की तुलना में अधिक रिटर्न जनरेट कर पाते हैं.

बैंकिंग और पीएसयू फंड
जैसा कि नाम से पता चलता है, ये फंड बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सार्वजनिक फाइनेंशियल संस्थानों आदि द्वारा जारी किए गए डेट इंस्ट्रूमेंट और म्यूनिसिपल बॉन्ड में अपने एसेट का कम से कम 80% हिस्सा निवेश करते हैं. ये फंड लिक्विडिटी, रिटर्न की स्थिरता और रिटर्न की वैल्यू के बीच संतुलन बनाए रखने का उद्देश्य रखते हैं.

गिल्ट फंड
गिल्ट फंड अपने एसेट्स का एक प्रमुख हिस्सा (कम से कम 80%) सरकारी सिक्योरिटीज़ में निवेश करते हैं. निवेश के उद्देश्य के आधार पर सिक्योरिटीज़ लंबी या छोटी अवधि की हो सकती हैं और आमतौर पर जी-सेक में निवेश किए जाने के कारण उनसे जुड़ा क्रेडिट जोखिम कम होता है. ये उन निवेशकों के लिए अधिक उपयुक्त हैं जो 3 वर्ष या उससे अधिक की अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और शॉर्ट टर्म में उच्च ब्याज दर का जोखिम उठा सकते हैं. 10 वर्ष की लगातार अवधि वाले गिल्ट फंड 10 वर्षों में पोर्टफोलियो की निरंतर अवधि बनाए रखते हैं.

डायनामिक बॉन्ड फंड
डायनामिक बॉन्ड फंड, स्कीम के निवेश उद्देश्य के आधार पर विभिन्न मेच्योरिटी वाली विभिन्न सिक्योरिटीज़ में निवेश कर सकते हैं. फंड मैनेजर मार्केट की स्थितियों के आधार पर किसी भी सिक्योरिटी में निवेश करने के लिए स्वतंत्र होते हैं. ये उन निवेशकों के लिए अधिक उपयुक्त हैं जो लंबी अवधि में निवेश करना चाहते हैं और जिन्हें शॉर्ट टर्म में ब्याज दर से जुड़े जोखिमों का अनुमान होता है. लचीलेपन के कारण, इस स्कीम से मिलने वाले रिटर्न अपेक्षाकृत अधिक हो सकते हैं.

फ्लोटिंग रेट फंड
फ्लोटिंग रेट फंड अपने एसेट का कम से कम 65% हिस्सा फ्लोटिंग-रेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं. इन फंड का उद्देश्य निवेशक को सुविधाजनक ब्याज की आय प्रदान करना है, खास तौर पर तब जब ब्याज दरें बढ़ रही हों. आम तौर पर ये फंड अधिक स्थिर होते हैं.

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ये उदाहरण केवल समझने के लिए हैं, यह किसी भी स्कीम के प्रदर्शन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित नहीं है. यहां व्यक्त किए गए सभी विचार राय मात्र हैं और इन्हें पाठक द्वारा अनुसरण की जाने वाली किसी भी क्रिया के लिए दिशानिर्देश या सुझाव नहीं माना जाना चाहिए. यह जानकारी केवल सामान्य पढ़ने के उद्देश्यों के लिए है और इसका उद्देश्य पाठकों के लिए पेशेवर गाइड के रूप में काम करना नहीं है. यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य पढ़ने के उद्देश्यों के लिए है और ये विचार केवल राय मात्र हैं और इसलिए इन्हें पाठकों के लिए दिशानिर्देश, सुझाव या पेशेवर गाइड के रूप में नहीं माना जा सकता है. यह डॉक्यूमेंट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, आंतरिक रूप से विकसित डेटा और अन्य भरोसेमंद स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है. स्पॉन्सर, निवेश मैनेजर, ट्रस्टी या उनका कोई भी डायरेक्टर, कर्मचारी, सहयोगी या प्रतिनिधि ("संस्थाएं और उनके सहयोगी") ऐसी किसी जानकारी के सटीक होने, पूरी होने, पर्याप्त होने और भरोसेमंद होने की कोई ज़िम्मेदारी या वारंटी नहीं नहीं लेते हैं. यह जानकारी पाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विश्लेषण, व्याख्या और जांच पर ही भरोसा करें. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश से जुड़ा निर्णय सोच-समझकर लेने के लिए, किसी स्वतंत्र प्रोफेशनल की सलाह लें. इस सामग्री की तैयारी या जारी करने में शामिल व्यक्तियों सहित उनके सहयोगी किसी भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, विशेष, आकस्मिक, परिणामी, दंडात्मक या अनुकरणीय नुकसान के लिए किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं होंगे, जिसमें इस सामग्री में शामिल जानकारी से के कारण होने वाली लाभ की हानि शामिल है. केवल प्राप्तकर्ता, इस डॉक्यूमेंट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा.

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