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क्रेडिट रेटिंग को समझना

डेट फंड पर हो रही चर्चाओं के दौरान आपने अक्सर क्रेडिट रेटिंग और क्रेडिट रिस्क जैसे शब्द सुने होंगे. यहां पर हम आपको इनके बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं. क्या आप तैयार हैं? आइए शुरू करते हैं!

क्रेडिट रेटिंग क्या है?

क्रेडिट रेटिंग किसी संस्था की उस लोन का पुनर्भुगतान करने की क्षमता को दर्शाती है जिसका उपयोग वे कर रहे हैं. दूसरे शब्दों में, जब आप कॉर्पोरेट्स, सरकार जैसे निकायों को फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से पैसे उधार देने का फैसला करते हैं तो ये रेटिंग्स इनसे जुड़े जोखिमों का आकलन करने में आपकी मदद करती हैं. इस जोखिम को क्रेडिट जोखिम कहा जाता है, जो अक्सर निवेशक के लिए उपयुक्त डेट फंड चुनते समय मुख्य निर्धारक कारकों में से एक है. ये रेटिंग विभिन्न क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा निर्धारित की जाती हैं. क्रेडिट योग्यता के आधार पर ये रेटिंग एएए से डी तक अलग-अलग होती हैं, AAA सबसे उच्च रेटिंग है. तो स्पष्ट है कि क्रेडिट रेटिंग जितनी बेहतर होगी, लोन का पुनर्भुगतान कर दिए जाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी.

क्रेडिट रेटिंग प्रासंगिक क्यों हैं?

किसी इकाई की क्रेडिट रेटिंग स्थायी नहीं होती है. मूल्यांकन समय-समय पर होता रहता है. इसलिए, जब एजेंसियां कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड करती हैं, तो इसका मतलब है कि अब कंपनी द्वारा लोन वापस चुकाए जाने की संभावना पहले से बेहतर हो गई है. इसी प्रकार क्रेडिट रेटिंग घट जाने का मतलब है कि पुनर्भुगतान क्षमता कम हो गई है.

इन इंस्ट्रूमेंट्स की क्रेडिट रेटिंग के बारे में जानकारी होने से आपको कई तरीकों से मदद मिल सकती है

1. यह आपको उधारकर्ता की क्रेडिट योग्यता के बारे में जानकारी देती है

2. यह आपको आपके लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता आदि के आधार पर निवेश के लिए उपयुक्त डेट फंड निर्धारित करने में मदद कर सकती है.

3. उधारकर्ता अपनी क्रेडिट रेटिंग को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं क्योंकि यह उनकी उधार लेने की क्षमता को बढ़ाती है.

भारत में क्रेडिट रेटिंग कैसे निर्धारित की जाती है?

क्रेडिट रेटिंग निर्धारित करने की प्रक्रिया में संगठन/इकाई का पूर्ण क्वालिटेटिव और क्वांटिटेटिव विश्लेषण शामिल होता है. प्रत्येक एजेंसी के पास रेटिंग की गणना करने की अपनी पद्धति हो सकती है, इसलिए, परिणामों को सामूहिक रूप से देखने की आवश्यकता होती है. वे रेटिंग निर्धारित करते समय इकाई के लेंडिंग और उधार लेने के इतिहास, फाइनेंशियल स्टेटमेंट, लिए गए डेट के प्रकार, बिज़नेस की प्रकृति, राजस्व/लागत और ऐसे कई अन्य कारकों को ध्यान में रखते हैं.

हालांकि, ये रेटिंग निवेशक के लिए किसी भी प्रकार की सलाह का गठन नहीं करती हैं. इनका उद्देश्य निवेशक को केवल डेटा और जानकारी प्रदान करना है जिसकी मदद से वे बेहतर निर्णय ले सकें. क्रेडिट रेटिंग दो प्रकार की हो सकती हैं- शॉर्ट-टर्म, या लॉन्ग-टर्म. शॉर्ट-टर्म क्रेडिट रेटिंग आपको उधार लेने के 1 वर्ष के भीतर इकाई की डिफॉल्ट संभावना बताती है और लॉन्ग-टर्म रेटिंग विस्तारित भविष्य में उसी संभावना को दर्शाती है.

क्रेडिट रेटिंग के विभिन्न प्रकार कौन-से हैं?

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क्रेडिट रेटिंग और क्रेडिट स्कोर के बीच अंतर

दोनों के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर यह है कि क्रेडिट रेटिंग एक संगठन/इकाई को दी जाती है जबकि क्रेडिट स्कोर किसी व्यक्ति के लिए होता है. क्रेडिट रेटिंग कंपनियों/बिज़नेस की क्रेडिट योग्यता को उपरोक्त टेबल में दिखाए अनुसार एएए से डी तक की रेंज निर्धारित करती है. क्रेडिट स्कोर एक संख्या है जो व्यक्तियों को आमतौर पर 300-700 की रेंज में असाइन की जाती है.

दोनों के बीच समानता यह है कि दोनों ही किसी व्यक्ति की लोन का पुनर्भुगतान कर सकने की संभावना का आकलन करते हैं.

अब जब आप क्रेडिट रेटिंग के बारे में जानते हैं, तो आप क्रेडिट जोखिम के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां पढ़ सकते हैं.

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यहां दी गई जानकारी सामान्य तौर पर केवल पढ़ने के लिए है. यहां व्यक्त किए गए विचार केवल राय हैं. इसलिए, इन्हें पाठकों के लिए दिशानिर्देश, सुझाव या प्रोफेशनल मार्गदर्शक के रूप में नहीं माना जा सकता है. ये डॉक्यूमेंट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, आंतरिक रूप से तैयार किए गए डेटा और अन्य विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार किए गए हैं. स्पॉन्सर, इन्वेस्टमेंट मैनेजर, ट्रस्टी या उनका कोई भी डायरेक्टर, कर्मचारी, सहयोगी या प्रतिनिधि ("संस्थाएं और उनके सहयोगी") ऐसी किसी जानकारी के सटीक होने, पूरी होने, पर्याप्त होने और भरोसेमंद होने की कोई ज़िम्मेदारी या वारंटी नहीं नहीं लेते हैं. यह जानकारी पाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विश्लेषण, व्याख्या और जांच पर ही भरोसा करें. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे इन्वेस्टमेंट से जुड़ा निर्णय सोच-समझकर लेने के लिए, किसी स्वतंत्र प्रोफेशनल की सलाह लें. इस कॉन्टेंट को तैयार करने या जारी करने में शामिल व्यक्तियों के साथ-साथ संस्थाएं और उनके सहयोगी किसी भी ऐसे प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, विशेष, आकस्मिक, परिणामी, दंडात्मक या किसी अन्य नुकसान के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे. इस कॉन्टेंट में निहित जानकारी से होने वाले लाभ के नुकसान के, कारण भी शामिल हैं. केवल प्राप्तकर्ता, इस डॉक्यूमेंट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार होंगे.

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